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रामोजी फिल्म सिटी जहाँ आज भी दफ़न हैं सल्तनत काल की लाशें
शायद आपको ये बात जान कर हैरानी हो कि तकनीक की मिसाल माने जाने वाले इस फिल्म स्टूडियो में बहुत से लोगों को प्रेतात्माओं के होने का अहसाह हो चुका है। ऐसा चर्चित है कि ये प्रेतात्मायें सल्तनत काल के सैनिकों की हैं जो यहाँ की ज़मीन पर दफ़न कर दिए गए थे।
आइये आपको इस रहस्यमयी रामोजी फिल्म सिटी की प्रेतात्माओं और यहाँ पर घटी घटनाओं के बारे में बतायें, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है।
बेहद कमाल की है रामोजी फिल्म सिटी
अब इस बेजोड़ खूबसूरती वाली फिल्म सिटी की बात चली है तो हम आपको बता दें कि यहाँ पर ना केवल फिल्म की शूटिंग देखने बल्कि देश-विदेश से हर दिन बहुत बड़ी संख्या में पर्यटक टिकट लेकर घूमने के लिए भी आते हैं।

इसके अंदर आपको अलग-अलग तरह की फिल्मों के सेट्स के लिए मंदिर, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 100 से भी ज़्यादा बाग़-बगीचे, बेहतरीन झरने, एडवेंचर स्पोर्ट्स पार्क सहित सम्मोहित कर देने वाले खूबसूरत नज़ारे दिखेंगे।
इस तरह से कह सकते हैं कि आपको एक भरपूर पैसा वसूल अनुभव होगा। यहाँ पर हर स्तर के होटल भी बने हुए हैं तो चूँकि ये बहुत बड़े क्षेत्र में है और आप शायद एक दिन में पूरा ना घूम पायें तो आप वहाँ पर अपने बजट के हिसाब से किसी 3 सितारा या 5 सितारा होटल में ठहरने का भी निर्णय ले सकते हैं।
कैसे दफ़न हुईं यहाँ सल्तनत काल की लाशें?
ऐसा बताया जाता है कि 1996 में बनी यह फिल्म सिटी हैदराबाद के निज़ाम के युद्ध क्षेत्र के ऊपर बनाई गयी थी और इसी जगह बहुत बड़ी संख्या में उनके सैनिकों की लाशें दफ़न की गयीं थीं। बाद में इस जगह को एक कॉमर्शियल स्पेस घोषित किया गया और यहाँ की ज़मीन फिल्म सिटी के लिए दे दी गयी जिसको ख़रीदा फिल्म प्रोड्यूसर रामोजी राव ने, जो यहाँ पर हॉलीवुड की टक्कर का फिल्म स्टूडियो बनाना चाहते थे और बनाने में सफल भी हुए। इस बेहतरीन फिल्म सिटी के बनने से पहले यहाँ एक बियाबान जंगल हुआ करता था जो कि असल में युद्ध क्षेत्र में मरने वाले सैनिकों का एक बहुत ही बड़ा कब्रिस्तान भी था।